Short Speech on Teachers Day Speech in Hindi Happy Teachers Day

Short Speech on Teachers Day Speech in Hindi Happy Teachers Day

Short Speech on Teachers Day Speech in Hindi Happy Teachers Day – 5 सितंबर को आप सभी महान विभूति के जन्मदिन के रूप में शिक्षक दिवस मनाते है। और ये हम सभी के लिये गौरव की बात है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के व्यक्तित्व का ही असर था कि 1952 में आपके लिये संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति का पद सृजित किया गया।

स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति जब 1962 में राष्ट्रपति बने तब कुछ शिष्यों ने एवं प्रशंसकों ने आपसे निवेदन किया कि वे उनका जनमदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाना चाहते हैं।इस बात पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने कहा कि मेरे जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने से मैं अपने आप को गौरवान्वित महसूस करूंगा।

Short Speech on Teachers Day Speech in Hindi Happy Teachers Day

Short Speech on Teachers Day Speech in Hindi Happy Teachers Day

Short Speech on Teachers Day in Hindi

टीचर्स डे शिक्षक दिवस पर भाषण हिंदी में 

आज शिक्षक दिवस पर मेरे सभी साथ पढ़ने वालो छात्रों और छात्राओ एवं सारे आदरणीय शिक्षको को मेरा हार्दिक अभिनन्दन। भारत में गुरू-शिष्य की लम्बी परम्परा रही है। प्राचीनकाल में राजकुमार भी गुरूकुल में ही जाकर शिक्षा ग्रहण करते थे और विद्यार्जन के साथ-साथ गुरू की सेवा भी करते थे। विवेकानंद-रामकृष्ण परमहंस तक शिष्य-गुरू की एक आदर्श एवं दीर्घ परम्परा रही है। उस एकलव्य को भला कौन भूल सकता है। जिसने द्रोणाचार्य की मूर्ति स्थापित कर धनुर्विद्या सीखी और गुरूदक्षिणा के रूप में द्रोणाचार्य ने उससे उसके हाथ का अंगूठा ही मांग लिया।

आजादी के बाद गुरू-शिष्य की इस दीर्घ परम्परा में तमाम परिवर्तन आये। 1962 में जब डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन देश के राष्ट्रपति रूप में पदासीन हुए तो उनके चाहने वालों ने उनके जन्मदिन को ‘‘शिक्षक दिवस‘‘ के रूप में मनाने की इच्छा जाहिर की। डा0 राधाकृष्णन ने कहा कि-‘‘मेरे जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने के निश्चय से मैं अपने को काफी गौरवान्वित महसूस करूंगा।‘‘ तब से लेकर हर 5 सितम्बर को ‘‘शिक्षक दिवस‘‘ के रूप में मनाया जाता है। डाॅ0 राधाकृष्णन ने शिक्षा को एक मिशन माना था।और उनके मत में शिक्षक होने के हकदार वही हैं।

Short Speech on Teachers Day in Hindi टीचर्स डे शिक्षक दिवस पर भाषण हिंदी में
Short Speech on Teachers Day in Hindi टीचर्स डे शिक्षक दिवस पर भाषण हिंदी में

जो लोगों से अधिक बुद्विमान व अधिक विनम्र हों। अच्छे अध्यापन के साथ-साथ शिक्षक का अपने छात्रों से व्यवहार व स्नेह उसे योग्य शिक्षक बनाता है। मात्र शिक्षक होने से कोई योग्य नहीं हो जाता बल्कि यह गुण उसे अर्जित करना होता है। डा0 राधाकृष्णन शिक्षा को जानकारी मात्र नहीं मानते बल्कि इसका उद्देश्य एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है। शिक्षा के व्यवसायीकरण के विरोधी डा0 राधाकृष्णन विद्यालयों को ज्ञान के शोध केन्द्र, संस्कृति के तीर्थ एवं स्वतंत्रता के संवाहक मानते हैं। यह राधाकृष्णन का बड़प्पन ही था कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी वे वेतन के मात्र चौथाई हिस्से से जीवनयापन कर समाज को राह दिखाते रहे।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देखें तो गुरू-शिष्य की परंपरा कहीं न कहीं कलंकित हो रही है। आए दिन शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के साथ एवं विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के साथ दुव्र्यवहार की खबरें सुनने को मिलती हैं। जातिगत भेदभाव प्राइमरी स्तर के स्कूलों में आम बात है। यही नहीं तमाम शिक्षक अपनी नैतिक मर्यादायें तोड़कर छात्राओं के साथ अश्लील कार्यों में लिप्त पाये गये। आज न तो गुरू-शिष्य की वह परंपरा रही और न ही वे गुरू और शिष्य रहे। व्यवसायीकरण ने शिक्षा को धंधा बना दिया है। संस्कारों की बजाय धन महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में जरूरत है कि गुरू और शिष्य दोनों ही इस पवित्र संबंध की मर्यादा की रक्षा के लिए आगे आयें ताकि इस सुदीर्घ परंपरा को सांस्कारिक रूप में आगे बढ़ाया जा सके। आज शिक्षकों और विधार्थियो को कदम से कदम मिला कर चलने का समय आ गया है। जो कि देश के भविष्य को एक नई दिशा देगा।

आप सभी को शिक्षक दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ

Short Speech on Teachers Day Speech in Hindi Happy Teachers Day
Short Speech on Teachers Day Speech in Hindi Happy Teachers Day

Teachers Day Short Speech in Hindi

टीचर्स डे शिक्षक दिवस पर भाषण हिंदी में 

जैसा कि आप सभी जानते है आज 5 सितंबर को टीचर्स डे { शिक्षक दिवस } है।  इस  महान अवसर पर पर मेरे सभी सहपाठियों और सारे आदरणीय शिक्षको को मेरा हार्दिक अभिनन्दन। शिक्षक बच्चों को ज्ञानवान और सुसंस्कृत बनाते हैं । बच्चा घर से निकल कर विद्‌यालय में प्रवेश लेता है तो शिक्षक की शरण में जाता है । विद्‌यालय में शिक्षक ही बच्चों के अभिभावक होते हैं । वे बच्चों को जीवन जीने की शिक्षा देते हैं । बच्चा शिक्षक का अनुगृहीत होता है एवं उन्हें अपना नमन अर्पित करता है ।

योग्य शिक्षक विद्‌यार्थियों का उचित मार्गदर्शन करते हैं। वे नियमित समय पर विद्‌यालय आते हैं। वे अपनी ऊर्जा केवल शिक्षा देने में व्यय करते हैं। वे कमजोर विद्‌यार्थियों का विशेष ध्यान रखते हैं। वे सादा जीवन और उच्च विचार के सिद्‌धांत का अनुसरण करते हैं। वे विषय-वस्तु को इतने सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाते हैं कि बच्चे उनकी बातों को हृदय में धारण कर सकें। अध्ययनशीलता शिक्षकों का एक आवश्यक गुण है। वे निरंतर अध्ययन करते रहते हैं ताकि नई बातें सीखकर विद्‌यार्थियों को बता सकें। ऐसे योग्य शिक्षकों को समाज में उचित सम्मान मिलता है।

योग्य शिक्षकों को सरकार सम्मानित करती है । शिक्षकों के सम्मान में प्रतिवर्ष 5 सितंबर का दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है । इस दिन विद्‌यालयों में विशेष समारोह होते हैं जिनमें बच्चों की भागीदारी होती है । राष्ट्रपति योग्य शिक्षकों को पदक और पुरस्कार देते हैं । राष्ट्र उन शिक्षकों को नमन करता है जो अज्ञानांधकार को दूर करने में सहायक होते हैं ।

आप सभी को शिक्षक दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ

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